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यूँ कभी तबाही का जश्न मना लेते हैं,,,

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यूँ कभी तबाही का जश्न मना लेते हैं,,, अपनी पलकों पे सितारों को सजा लेते हैं,,, तुम तो अपने थे ज़रा हाथ बढाया होता,,, गैर भी डूबने वाले को बचा लेते हैं...

दिल मैं तम्मनाओं को दबाना सीख लिया,,,

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दिल मैं तम्मनाओं को दबाना सीख लिया,,, गम को आँखों मैं छुपाना सीख लिया,,, मेरे चहरे से कोई बात ज़ाहिर न हो,,, इसीलिए दबा के होठों को मुस्कुराना सीख लिया...

यूँ कभी तबाही का जश्न मना लेते हैं,,,

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यूँ कभी तबाही का जश्न मना लेते हैं,,,  अपनी पलकों पे सितारों को सजा लेते हैं,,,  तुम तो अपने थे ज़रा हाथ बढाया होता,,,  गैर भी डूबने वाले को बचा लेते हैं...

बदला जो वक़्त आपकी मोहब्बत बदल गई,,,

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बदला जो वक़्त आपकी मोहब्बत बदल गई,,,  सूरज ढला तो साए की सूरत बदल गई,,,  एक उम्र तक हम आपकी जरूरत बने रहे,,,  फिर यूँ हुआ की आपकी जरूरत बदल गई,,,

बदला जो वक़्त आपकी मोहब्बत बदल गई,,,

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बदला जो वक़्त आपकी मोहब्बत बदल गई,,,  सूरज ढला तो साए की सूरत बदल गई,,,  एक उम्र तक हम आपकी जरूरत बने रहे,,,  फिर यूँ हुआ की आपकी जरूरत बदल गई,,,

कौन चाहता है मुझ पर मुस्कान खिले ,

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कौन चाहता है मुझ पर मुस्कान खिले ,  किसको धुन है नींद चैन की सोऊँ मैं ?  है कद्र किसे जज़्बात , मेरे अहसासों की ,  कौन मुझे गलबाँही दे जब रोऊँ मैं ?

बदला जो वक़्त आपकी मोहब्बत बदल गई,,,

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 बदला जो वक़्त आपकी मोहब्बत बदल गई,,,  सूरज ढला तो साए की सूरत बदल गई,,,  एक उम्र तक हम आपकी जरूरत बने रहे,,,  फिर यूँ हुआ की आपकी जरूरत बदल गई,,,