खुदा जाने हरफ-ऐ-दुआ लिख रहा था,

वो पानी की लहरों पे क्या लिख रहा था, 
खुदा जाने हरफ-ऐ-दुआ लिख रहा था, 
महोब्बत में नफरत मिली थी उसे भी, 
जो हर शकस को बेवफा लिख रहा था

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