ज़ख़्म कितने हैं दिखा नहीं सकता

दर्द कितने हैं बता नहीं सकता …… 
ज़ख़्म कितने हैं दिखा नहीं सकता …… 
आँखों से समझ सको तो समझ लो ….. 
आंसू गिरें हैं कितने , गिना नहीं सकता

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